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BRAIN और MIND मैं क्या फर्क है?|BRAIN AUR MIND MAI KYA FARK HAI?

हेलो फ्रेंड्स,

मैं DINESH PATEL

BRAIN और  MIND मैं क्या फर्क है?, About Brain, About Mind
                       Brain and Mind

मैं आज आपको इस आर्टिकलमें बताऊँगा की 

BRAIN और  MIND मैं क्या फर्क है?  

और मैंने मेरी Website और Youtube चैनलका नाम मैंने BRAIN TO MIND क्यूँ रख्खा?


सामान्यतः हम ये मानते है की BRAIN और MIND में कोइ फर्क नही होता लेकिन ऐसा कत्तई नही है।

BRAIN हार्डवेयर है तो MIND सॉफ्टवेयर है।

BRAIN यंत्रवत है इसमें जो मेमरी(यादें) होती है और किसी बड़ी हार्डडिस्कमें या फिर Google जैसे बड़े सर्च इंजनमें जो मेमरी होती है इसमें ज्यादा फर्क नही है।

और इसे हम सिर्फ इंफॉर्मेशन (डेटा) ही कह शकतें है।

लेकिन उस इन्फॉर्मेशन के कारण जब हमें किसी Feeling (अनुभूति) का अनुभव होता है (चाहे वो अच्छी अनुभूति हो या बुरी) इस अनुभूति का अनुभव करानेवाला हमारा MIND होता है।

आप BRAIN और MIND की कार्यप्रणाली को नीचे दिये गये दो वाकयों से अच्छी तरह समझ शकतें है

मैं इस चीज़ को जनता हूँ।

और

मुझे इस चीज़ का एहसास है।

क्या फर्क है उपरोक्त दो वाकयों में?

पहले वाक्यमें सिर्फ इन्फॉर्मेशन है लेकिन दूसरे वाक्यमें इन्फॉर्मेशन के साथ साथ Feeling(अनुभूति) भी है।

BRAIN की क्षमता की कसौटी का पैमाना IQ (Intelligence quotient) है।

तो

MIND की कसौटी का पैमाना EQ (Emotional quotient) है।

मान लो मुझे कोइ अन्जान व्यक्ति मिलता है (जिसे मैंने आजसे पहले कभी भी देखा नही और ना ही इसके बारेमें कुछ सुना है)

और मुझे सिर्फ ‘मेरा नाम मुकेश है’ ऐसा बोलकर चला जाता है,

तो मुझे उसका नाम कब तक याद रहेगा?

सिर्फ 6 महिने या ज्यादा से ज्यादा एक साल।

लेकिन वही व्यकि अगर मुझे एक ज़ोरदार थप्पड़ मारकर ‘मेरा नाम मुकेश है’ ऐसा बोलकर चला जाता है तो अब मुझे उसका नाम पूरी जिंदगी याद रहेगा।

ऐसा क्यूँ होता है?

क्यूँ की पहले प्रयोगमें उसने सिर्फ अपना नाम बताया था (सिर्फ एक सादी इन्फॉर्मेशन) जो सिर्फ BRAIN में ही रही।

लेकिन दूसरे प्रयोगमें मुझे ज़ोरदार थप्पड़ मारने के साथ अपना नाम बताया था (इंफॉर्मेशन के साथ अनुभूति भी) जो मनमें उत्तर गई।

तो फ्रेंड्स इंफॉर्मेशन पूरी जिंदगी याद नही रहती लेकिन अनुभूति जिंदगी का हिस्सा बन जाती है।

अनुभूति अच्छी भी होती है और बुरी भी होती है।

BRAIN और MIND के सही तालमेल से ही व्यक्ति जीवनमें सफलता (SUCCESS)पाता है अगर ये तालमेल सही नही बैठता तो व्यक्ति जीवनभर दुविधाओंमें जीता है और असफल ही होता है।

तो मेरी इस Website और Youtube चैनल का नाम मैंने  BRAIN TO MIND इसलिए रख्खा है कि आप और मैं साथ साथ BRAIN से MIND की ओर की इस यात्रा में चल शके और मेरे अनुभव से आपकी युवाशक्ति को सही दिशा मिल शके और आपका रास्ता आसान हो।


BRAIN और  MIND के कार्यप्रकार समझने के लिए यहाँ CLICK करें   


Thanks……

BRAIN MIND

I AM HERE TO BECOME BRIDGE BETWEEN YOUNG AGE ENERGY AND MID AGE EXPERIENCES.

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