अनिवार्य बिजनेस टीप्स

अनिवार्य बिजनेस टीप्स

अनिवार्य बिजनेस टीप्स

 कोई भी बिजनेस करनेके लिए अनिवार्य बिजनेस टीप्स
बिजनेसमेन बननेके लिए बिजनेसमेनकी मानसिकता अनिवार्य है।
आप बिजनेसमेन की मानसिकता लेकर  जोब अच्छी तरह कभीभी नहीं कर शकते, वैसे ही जोब ओरिएन्टेड मानसिकता लेकर  कभीभी बिजनेसमें सफल नहीं हो शकते।

पहले देख लेते है जापानी मूल के अमेरिकी लेखक रोबर्ट कियोसाकि के हिसाब से दूनियामें कमाई करनेके मूलभूत कितने रास्ते है?

Robert Kiyosaki

1) जोब

 (जिसमें हम दूसरे लोगोके लिए काम करते है। जिसमें हमारी सिर्फ जरूरतें ही पूरी होती है।(हमें  जॉब देनेवाले के सपनें पुरे होते है) जिसमें हम सिक्योरिटी ओरिएन्टेड मानसिकता लेकर  काम करते है। जरा सा भी रिस्क उठानेसे डरते है।)

2) सेल्फ एम्पोयड

 (जिसमें हम दूसरे लोगोके लिए नहीं अपने खुदके लिए काम करते है।लेकिन काम तो करना ही पड़ता है। जिसमें हम सिक्योरिटी ओरिएन्टेड मानसिकता लेकर काम करते है।)

3) बिजनेस

 (जिसमें हम खुद काम करे या ना करे हमारे लिए कई लोग काम करते है। जिसमें हम फ्रीडम ओरिएन्टेड मानसिकता लेकर काम करते है। जिसमें हम रिस्क लेनेमें डरते नहीं और स्ट्रोंग विश्वास रखते है।)

4) इन्वेस्टमेंन्ट

 (जिसमें हम सक्रिय तौर पर कुछ कार्य नहीं करते लेकिन पैसे हमारे लिए काम करते है। जिसमें हम फ्रीडम ओरिएन्टेड मानसिकता लेकर काम करते है। जिसमें हम रिस्क उठाते है। यहाँ ये याद रख्खे सेविंग और इन्वेस्टमेंन्ट दोनो अलग है।)

दूनियामें कमाईके सारे रास्तोंको इन चार केटेगरीमें वर्गीकृत किया गया है।
इसमें से 1) और 2) केटेगरीमें दूनियाके 90% लोग काम करते है और वो सारे लोग दूनियाकी सारी कमाइके सिर्फ 10% कमाते है। और सिर्फ अपनी जरूरतें ही मुश्किल से पूर्ण कर शकते है।
जबकि 3) और 4) केटेगरीमें दूनियाके सिर्फ 10% लोग काम(?) करते है लेकिन वो सारे लोग दूनियाकी सारी कमाइके 90% पर अपना कब्जा कर लेते है और अपने सारे सपने पूर्ण करते है।
याद रहे सिक्योरिटी ओरिएन्टेड मानसिकता लेकर सिक्योरिटीके लिए काम करते हो तो फ्रीडम कभीभी नहीं मिलेगा लेकिन अगर फ्रीडम ओरिएन्टेड मानसिकता लेकर फ्रीडमके लिए काम करते हो तो सिक्योरिटी अपने आप मिल जाती है।

आइए अब देख लेते है केटेगरी 3) बिजनेसमें काम करनेके लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है?
सबसे महत्वपूर्ण है हमारा विश्वास।
 लेकिन ये याद रहे विश्वास रखनेमें बहोत ही महत्वपूर्ण सावधानी रखनी है। वो है विश्वास रखनेका क्रम और किस तरह विश्वास रखना है इसकी जानकारी आवश्यक ही नहीं अनिवार्य है।
यहाँ मैं आपको विश्वास रखनेका क्रम और किस तरह विश्वास रखना है इसकी जानकारी देता हूँ।
लेकिन मेरी आपसे ये शर्त है की आप इस जानकारीको इग्नोर करके बिजनेसमें कभीभी (अगेइन कभीभी) सफल नहीं हो शकते।

चलिए देखते है विश्वास रखनेका क्रम और विश्वास रखनेकी रीत

1) खुद पर विश्वास (इमोशनली)
2) खुदके सपनो पर विश्वास (इमोशनली)
3) काम करनेका प्लेटफार्म (लोजीकली)
4) प्लेटफार्म रिलेटेड कंपनी (लोजीकली)
5) कंपनीकी प्रोडक्ट (लोजीकली)
6) कंपनीके लिडर (विचारो और वर्तावकी साम्यताके हिसाबसे)
याद रहे उपरोक्त विश्वास रखनेका क्रम और विश्वास इमोशनली करना है या लोजीकली ये जानकारी कीसी भी हालमें (अगेइन कीसीभी हालमें) इग्नोर नहीं करनी है वरना कभीभी हम बिजनेसमें सफल नहीं हो शकते।

मैं मान लेता हूँ आपका अपने आपमें विश्वास होगा ही और आपके सपनेभी बड़े होंगे ही।
अपने आपके साथ और अपने सपनोके साथ स्ट्रोंग इमेशनके साथ जुड़े।
इससे आपमें मुश्किल परिस्थितिमें झुझनेकी शक्ति पैदा होगी।
अब आइए विश्वास रखनेके क्रम नंबर 3) काम करनेके प्लेटफार्मके बारेमें समझ लेते है।
एक बात हमेशा याद रख्खे प्लेटफार्ममें कंपनीयां होती है, कंपनीओमें प्लेटफार्म नहीं। 
कुछ उदाहरण देके स्पष्ट करता हूँ।

# टेलिकोम्युनिकेशन प्लेटफार्म है और रिलायंस जिओ , वोडाफ़ोन, आइडिया वगैरह कंपनीयां।
# टेक्सटाइल प्लेटफार्म है और रेमन्ड, दिनेश, दिग्जाम वगैरह कंपनीयां है।
# इन्स्युरंस सेक्टर प्लेटफार्म है इसमें भी कइ कंपनीयां है।
# डाइरेक्ट सेलिंग(MLM) प्लेटफार्म है इसमें भी कइ कंपनीयां है।

यहाँ ये हमेशा याद रख्खे कंपनी सही गलत हो शकती प्लेटफार्म कभीभी(अगेइन कभीभी) गलत नहीं हो शकता।
यहाँ आपको प्लेटफार्मका चूनाव करना है। कंपनीका चूनाव इसके बाद आता है।

अब आपको प्लेटफार्मका किस आधार पर चूनाव करना है बताता हूँ।
हमेशा प्लेटफार्मका चूनाव इस आधार पर करें की कौनसा प्लेटफार्म आपके अंदरकी लिडरशीप क्वालिटी निखार शकता है और आपके सपने समय रहते पूर्ण कर शकता है।

प्लेटफार्म दो प्रकारके होते है
1) प्रोडक्ट ओरिएन्टेड
2) सर्विस ओरिएन्टेड
यहाँ आपको ये याद रखना है की आपको प्लेटफार्म पर काम नहीं करना काम तो आपको कंपनीमें ही करना है।
प्लेटफार्मका चूनाव सिर्फ और सिर्फ लोजीकल एनालिसिसके आधार पर करें भावनात्मक आधार पर ना करें।

अब मान लेते है की आपने शार्प लोजीकल एनालिसिसके आधार पर आपने चूना युवाओका सबसे चहिता प्लेटफार्म  डायरेक्ट सेलिंग (MLM) (ये प्लेटफार्म सिर्फ़ आपको बतानेके लिए अपने व्यक्तिगत अनुभवके आधार पर मैंने चूना है।)

अब आती है सबसे महत्वपूर्ण बात कंपनीके चूनाव की।
कंपनीका चूनाव हमेशा सिर्फ और सिर्फ सार्प लोजीकल एनालिसिसके आधार पर ही करें।
कभीभी(अगेइन कभीभी) कंपनीका चूनाव भावनात्मक आधार पर ना करें। चाहे ये भावनात्मक बातें कंपनीके सीइओ, एमडी या चेयरमैनने की हो।
कंपनीका चूनाव निम्नलिखित बातोकी संपूर्ण जानकारी लेकर ही करें।

1) कंपनीकी फन्डामेन्टल आर्थिक स्ट्रेन्थ।

2) कंपनीकी ट्रान्सपरंसी(पारदर्शिता)

3) पॉलिसी ड्रीवन कंपनी

4) कंपनीकी प्रोडक्ट/सर्विसकी क्वालिटी,मोनोपोली और निरंतरता

5) कंपनीकी टाइम बाउन्ड कस्टमर केयर सर्विस

6) कंपनीके बिजनेस प्लान की निरंतरता

7) कंपनीमें काम करके सफल हुए लिडर्सकी संख्या

8) कंपनीको छोड़कर गये बड़े लिडर्सकी संख्या और उनकी कंपनीके बारेमें राय

9) कंपनी अपने प्लेटफार्मकी रेग्युलेटरी बोडीसे एसोसिएट है या नहीं

10) कंपनीका ग्रोथ रेकॉर्ड

11) स्थापनाके वक्त कंपनीका विजन और वर्तमान स्थिति

12) कंपनी अपना नाम, अपनी वेबसाइटका नाम बार बार बदलती नहीं होनी चाहिए।

उपरोक्त बातोंकी जाँच डोक्युमेन्टके आधार पर शार्प लोजीकल एनालिसिसके आधार पर करें। कीसीकीभी (अगेइन कीसीकीभी) भावनात्मक बातोंमें ना आए। चाहे वो कंपनीका एमडी, सीइओ या चेयरमैन ही क्यूँ न हो?
 मान लीजिए आपको शेयर मार्केटमें 100000 रुपए लगाने है। आपके सामने दो कंपनीयां है।
1) सारे फन्डामेन्टल पेरामिटर्स के आधार पर स्ट्रोंग कंपनी
2) आपके बेस्ट फ्रेंड(भावनात्मक तौर पर जीसके साथ स्ट्रोंग जुड़ाव है)की कंपनी जो प्रत्येक फन्डामेन्टल पेरामिटर्सके हिसाबसे खराब पर्फोर्मर है।
आप कीस कंपनीमें 100000 रुपए लगाओगे? 
अगर आपका जवाब कंपनी नंबर 1) है तो आपने लोजीकली सही डीसीजन लिया है। आप कमाई करोंगे।
और अगर आपका जवाब कंपनी नंबर 2)(आपके मित्रकी कंपनी) है। तो तय मान लें आप रुपए और मित्र दोनो गंवाएंगे।

तो यहाँ काम करनेके लिए कंपनीका चूनाव लोजीकली करें इमोशनली नहीं क्यूँकी यहाँ आप आपनी सबसे कीमती चीज अपना समय लगा रहे हो जो कभीभी वापस नहीं आने वाला।

DINESH PATEL

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